गौतमबुद्धनगर
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान की अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, योजनाओं एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सभी चिकित्सा अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में आशाओं रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत भर्ती शीघ्र सुनिश्चित की जाए तथा इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि आशाओं के चयन हेतु जारी आवेदन का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त किए जाएं।
जिलाधिकारी ने आशाओं के औसत मासिक मानदेय वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन आशाओं का प्रशिक्षण लंबित है उन्हें शीघ्र प्रशिक्षित किया जाए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं को सम्मानित किया जाए। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले प्रोत्साहन एवं मानदेय की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की डैशबोर्ड रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन 11 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, वहां नोएडा प्राधिकरण एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के समन्वय से शीघ्र जल कनेक्शन सुनिश्चित कराया जाए।
स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं एवं प्रथम रेफरल इकाइयों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, कार्यशील शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जेवर में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल मांग-पत्र भेजने तथा जिन प्रथम रेफरल इकाइयों में आवश्यकता है वहां सीजेरियन प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, वीएबी बच्चों तथा नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान भारत कार्ड बनाए जाने, चिन्हित बच्चों की नियमित निगरानी, समयबद्ध उपचार तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत टीकाकरण नहीं हुआ है, वहां के छूटे हुए बच्चों एवं संबंधित परिवारों की क्षेत्रवार सूची तीन दिवस के भीतर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराया जा सके।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी ने प्रथम सप्ताह की प्रगति प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त सूक्ष्म कार्ययोजना बनाकर अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में जनजागरूकता, स्वच्छता, स्रोत नियंत्रण, जलभराव की रोकथाम एवं मच्छरों के प्रजनन स्थलों के उन्मूलन की गतिविधियों को पूरी गंभीरता से संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के पोर्टलों पर समयबद्ध एवं शुद्ध आंकड़े अपलोड करने, योजनाओं एवं अभियानों की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार झा, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजीव सारस्वत, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आर. पी. सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा, डीपीएम मंजीत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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