ग्रेटर नोएडा भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) को मंगलवार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब ऐंच्छर, मायचा, डाबरा और बिरोंडा गांव के किसानों ने संगठन से अलग होने की घोषणा कर दी। सेक्टर अल्फा-1 स्थित प्रेस क्लब ऑफ भारत में आयोजित प्रेसवार्ता में किसानों ने संगठन की कार्यशैली और पिछले तीन वर्षों में किसान हितों को लेकर किए गए प्रयासों पर सवाल उठाए।
किसान नेता विजय भाटी (मायचा) ने कहा कि किसानों ने अपने खर्च पर गौतमबुद्ध नगर में विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला और चार से पांच बड़ी पंचायतों का आयोजन किया, लेकिन संगठन की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि किसानों ने संगठन पर भरोसा किया था, पर उनकी उम्मीदों के अनुरूप काम नहीं हुआ।
किसान नेता विक्रम भाटी ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के खिलाफ करीब सात महीने चले आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बावजूद किसानों की प्रमुख मांगों पर संतोषजनक परिणाम नहीं मिले। उन्होंने किसान मुद्दों पर बीते वर्षों की उपलब्धियों पर भी सवाल खड़े किए।
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अब गांव स्तर पर खुद लड़ी जाएगी लड़ाई
प्रेसवार्ता में किसानों ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल किसी अन्य किसान संगठन में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि अब स्थानीय किसानों को एकजुट कर अपने अधिकारों और गांवों से जुड़े मुद्दों की लड़ाई स्वयं लड़ेंगे।
किसान नेता अनिल नागर ने बताया कि जल्द ही एक और प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न किसान संगठनों की कार्यशैली और किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत रूप से अपनी बात रखी जाएगी।
प्रेसवार्ता में विजय भाटी, डॉ. फकीरचंद पाल, विनोद भाटी, विक्रम भाटी, आशीष नागर, सुनील भाटी, ललित भाटी, अनिल नागर और यासीन खान समेत कई किसान मौजूद रहे।






