ग्रेटर नोएडा– स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के साथ तीन ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन आधारित बसों का विधिवत फ्लैग ऑफ किया गया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना एनटीपीसी दादरी द्वारा विकसित “ग्रीन हाइड्रोजन बेस्ड मोबिलिटी प्रोजेक्ट” के अंतर्गत तैयार की गई है, जिसे यमुना प्राधिकरण के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी देश में परिवहन क्षेत्र को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल है। इन बसों का संचालन डीजल के स्थान पर हाइड्रोजन ईंधन से होगा, जिससे प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

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परियोजना की प्रमुख विशेषताएं एवं लाभ:
• परियोजना में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के जल का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भूजल संसाधनों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।
• प्रतिदिन लगभग 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो लगभग 1750 पेड़ लगाने के बराबर पर्यावरणीय लाभ प्रदान करेगा।
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• हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल जल निकलेगा, जिससे वायु प्रदूषण शून्य रहेगा।
• इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आएगी।
• यह भारत का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन है, जो देश में हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करेगा।
प्रत्येक हाइड्रोजन बस 42 यात्रियों की क्षमता वाली तथा 12 मीटर लंबी है। बस में एक बार में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकती है, जिससे यह लगभग 750 किलोमीटर तक की यात्रा करने में सक्षम होगी।
यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत को हरित एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी मॉडल आने वाले समय में देशभर के शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक आदर्श उदाहरण बनेगा।






