गौतमबुद्धनगर
मुख्य विकास अधिकारी गौतमबुद्धनगर भाल चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में वर्षा ऋतु के दृष्टिगत रखते हुए जनपद के अंतर्गत आने वाले सभी नालों एवं नालियों की साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था तथा जलभराव की रोकथाम के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंचाई विभाग, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग करते हुए नाला सफाई कार्य की प्रगति से अवगत कराया।

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बैठक में अपर मांट शाखा खण्ड, खुर्जा के उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में जनपद गौतमबुद्धनगर में कुल 50 नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई 320.82 किलोमीटर है। विभागीय मानकों के अनुसार 0 से 5 क्यूमेक्स क्षमता वाले नालों की सफाई प्रत्येक दो वर्ष में, 5 से 15 क्यूमेक्स क्षमता वाले नालों की सफाई प्रत्येक तीन वर्ष में तथा 15 क्यूमेक्स से अधिक क्षमता वाले नालों की सफाई प्रत्येक पांच वर्ष में कराई जाती है।
उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिलाधिकारी की स्वीकृति के उपरांत 13 नालों की कुल 146.46 किलोमीटर लंबाई में नाला सफाई का कार्य स्वीकृत कराया गया था, जिसे निर्धारित समयसीमा के भीतर 30 जून तक शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है।
बैठक के दौरान गंगा समिति के सदस्यों ने जनहित एवं वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी नालों की सफाई प्रतिवर्ष कराए जाने का अनुरोध किया। साथ ही हवेलियां ड्रेन की सफाई का विषय भी उठाया गया। इस पर सिंचाई निर्माण खण्ड के उपखण्ड अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि कार्य का प्रस्ताव ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को भेज दिया गया है तथा धनराशि प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ कर शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा।
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बैठक में जनपद की सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों ने भी प्रतिभाग करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में नाला-नालियों की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था की प्रगति से अवगत कराया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव की किसी भी स्थिति से बचाव के लिए सभी नालों एवं नालियों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करें, जिससे कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और किसानों की फसलों सहित आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नाला सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, अपर मांट शाखा खण्ड, खुर्जा के उपखण्ड अधिकारी अशोक जैन, ओखला हेड वर्क्स खण्ड के उपखण्ड अधिकारी हरिओम सिंह, सिंचाई निर्माण खण्ड के उपखण्ड अधिकारी दलबीर सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनपद की सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।






