गौतमबुद्धनगर
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में भूगर्भ जल की सुरक्षा, संरक्षण, नियंत्रण एवं विनियमन के लिए गठित जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद् की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में भूगर्भ जल के संरक्षण तथा भूगर्भ जल अधिनियम-2019 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
अधिशासी अभियंता, भूगर्भ जल विभाग विश्वजीत सिंह द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में भूगर्भ जल अधिनियम-2019 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए upgwdonline.in वेब पोर्टल विकसित किया गया है। पोर्टल के माध्यम से भूगर्भ जल से संबंधित आवेदनों की ऑनलाइन प्रक्रिया एवं निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कूप के पंजीकरण के लिए अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं कूप के अनापत्ति प्रमाण-पत्र के निर्गमन के लिए 07 आवेदन तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र के नवीनीकरण के लिए 28 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
उन्होंने यह भी बताया कि ई0एम0सी0-2.0, यीडा के प्रस्ताव को अधिनियम की धारा-51 के अंतर्गत भूजल भवन, लखनऊ को अग्रसारित किए जाने तथा तेवा ए0पी0आई0 के धारा-51 के अंतर्गत स्वीकृत आवेदन में भूजल निष्कर्षण के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के संबंध में भी आवश्यक विचार-विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूगर्भ जल के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े सभी प्रकरणों का नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूगर्भ जल का अवैध दोहन रोकने के साथ-साथ अधिनियम एवं शासन के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)






